सिर्फ एक सप्ताह में पाइए दमकता निखार। चंद दिनों में पाइए गोरी निखरी और जवां त्वचा। हमारी क्रीम लगाइए और पाइए दाग धब्बों से पूरी तरह छुटकारा। इस तरह के दावे कई कॉस्मेटिक कंपनियां करती हैं, लेकिन क्या वाकई उनके उत्पाद इस लायक होते हैं। कंपनियां आपको अपनी खूबियों के बारे में तो बढ़ा-चढ़ाकर बताती हैं, लेकिन वे आपसे कई जरूरी बातों को छुपा जाती हैं। आइए जानें ऐसी ही कुछ बातों को –
दावों पर कोई नियंत्रण नहीं
भारत में कॉस्मेटिक के दावों पर किसी प्रकार का नियंत्रण नहीं है। कॉस्मेटिक कंपनियां अक्सर अपने उत्पाद के बारे में बढ़ा-चढ़ाकर दावे पेश करती हैं, लेकिन उनकी हकीकत को सच साबित करने के प्रमाण अक्सर उनके पास नहीं होते।
उम्र के प्रभाव को दूर करने के लिए सनस्क्रीन ही काफी
अगर आप अपनी बढ़ती उम्र से परेशान हैं और जवां दिखना चाहती हैं, तो आपके लिए केवल सनस्क्रीन ही काफी है। सनस्क्रीन आपको सूरज की हानिकारक अल्ट्रावॉयलेट किरणों से बचाती है। सनस्क्रीन में टाइटेनियम डाइऑक्साइड, जिंक ऑक्साइड अथवा एवोबेनजोन होना चाहिए। आपको यह जानकर हैरानी होगी कि कई सनस्क्रीन इन उत्पादों से रहित होती हैं। तो अगली बार जब आप सनस्क्रीन खरीदने जाएं, तो इन तत्वों को जरूर जांच लें।
प्राकृतिक उत्पाद सुरक्षा की गारंटी नहीं
कोई उत्पाद प्राकृतिक है, तो वह पूरी तरह सुरक्षित होगा इसकी कोई गारंटी नहीं। और न ही यह इस बात की गारंटी है कि वह उत्पाद आपकी त्वचा के लिए बेहतर होगा। और तो और ‘प्राकृतिक’ शब्द भी विनियमित नहीं है। कई ‘प्राकृतिक’ उत्पाद आपकी सेहत को काफी नुकसान पहुंचा सकते हैं। कई कॉस्मेटिक उत्पादों में पुदीने का तेल, खट्टे पदार्थ, लेवेण्डर ऑयल जैसे प्राकृतिक तत्व पाये जाते हैं, जिन्हें इरिटेटिंग माना जाता है। लेकिन, इसके साथ ही कई ऐसे तत्व भी होते हैं, जो आपकी त्वचा के लिए काफी अच्छे होते हैं।
मेकअप प्रदूषण से नहीं बचाता
मेकअप आपकी त्वचा को वायु प्रदूषण से नहीं बचाता। प्रूदषक तत्व आसानी से मेकअप की परत से गुजर जाते हैं।

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